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नीम सर्द फ़ज़ा में अपने किस्सों की गुनगुनी सी धुप ले कर मैं
हूँ हाज़िर…… मेरा तो जाने क्या हिसाब
हो गया है बिस्तर देखते ही जम्हाइयां स्टार्ट हो जाती है ऐसा मालूम होता है जेसे
मेरे बिस्तर में नींद का कोई डिवाइस लगा है ..... लेकिन मुझे एक बात मुसलसल परेशा
किये है के ये नौजवानों गुज़िश्ता कई बरसों से नींद ना आने की बीमारी कहाँ से लग
गयी .... अमायार हद हो गयी खुदा की क़सम रात रात भर फोन पर लगे हुए हैं जानू शोना
स्वीटी के पीछे सुबह देखो तो आँखें सुर्ख सूजी हुई... अच्छा अब्बा देखें तो समझें
बेटा रात भर पढ़ाई में मसरूफ था... लेकिन ये तो दो दो बरस उसी शोना स्वीटी के पीछे
रातें काली करते रहते हैं ... अच्छा हैरत की बात ये है के नतीजा सिफर है ....
क्यूँ की बेटा कितने ही माश्के कर लो शादी तो तुमने फुप्पो या खाला की नजमा , शकीला , फरजाना , या मेहरुन्निसा से
करनी है ...हह्हहः ... मियां जब सब मालूम है फिर भी भाई हमारे लगे हुए हैं .....
अल्लाह ही मालिक है..... मेरा तो ज़ाती मशविरा है भाई इनके पीछे वक़्त बर्बाद करने
से बेहतर है पढ़ लो कम से कम अम्मी को ये तो कह पाओगे .. अम्मी नजमा नकचड़ी से नहीं रुखसाना से करा दो शादी उसकी
आँखें बड़ी प्यारी हैं ..हाहाहाहा ... और जी आँखें तो ....... की भी बड़ी हसीं हैं ....
इन्ही पर तो नज़र लग जाती है .... अब क्या अर्ज़ करूँ आप तो खुद अक़लमंद हैं

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